MANAV DHARM

MANAV  DHARM

Wednesday, December 22, 2010

sant--mahima..

संत  बड़े  परमार्थी..घन  ज्यों  बरसे  आय..!
तपन  मिटावे  और  की  अपनी  पारस  लाय..!!

एक  घडी  आधी  घडी  आधी--ते--पुनि--आध..!
तुलसी  संगति  साधू  की  कटे  कोटि  अपराध..!!

1 comment:

  1. संत--मिलन को चाहिए तजि माया--अभिमान..!
    ज्यों--ज्यों पग आगे बढे..कोटिक जग्य सामान..!!

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